Kabir ke dohe in hindi
कबीर दास जी निर्गुण निराकर ईश्वर में विश्वास रखते थे। इनका मानना था कि ईश्वर कण-कण में विधमान है। कबीर अपने दोहे और प्रदूषण के द्वारा समाज में अंधविश्वासों को हटाने की कोशिश कर रहे थे। कबीरदास जी ने स्वयं कहा है-
धार्मिक ज्ञान, प्रेरक प्रसंग, अनमोल सुविचार और जीवन की सच्ची बातों का पावन संगम।